मैच फिक्सिंग : आरोपी सट्टेबाज संजीव चावला लंदन से प्रत्यर्पित, केस दर्ज होने के 20 साल बाद भारत लाया गया

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नई दिल्ली। मैच फिक्सिंग के आरोपी सट्टेबाज संजीव चावला को गुरुवार को लंदन से प्रत्यर्पित कर लिया गया। वह 2000 के फिक्सिंग स्कैंडल में शामिल था। मामला दर्ज होने के 20 साल बाद उसे भारत लाया गया है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच मामले की जांच कर रही थी।
चावला को तिहाड़ जेल भेजा जाएगा। इससे पहले उसकी मेडिकल जांच हो सकती है। 16 जनवरी को लंदन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी थी। ब्रिटेन के गृह मंत्री के हस्ताक्षर के बाद चावला को 28 दिन के अंदर प्रत्यर्पित किया जाना था।
पिछले साल मार्च में ब्रिटेन के गृह मंत्री ने चावला के प्रत्यर्पण का आदेश दिया था, लेकिन वह इसके खिलाफ कोर्ट चला गया था। ब्रिटेन के कोर्ट के दस्तावेजों में चावला को दिल्ली में जन्मे एक बिजनेसमैन के रूप में बताया गया है। वह 1996 में बिजनेस वीजा पर ब्रिटेन चला गया था। 2000 में उसका भारतीय पासपोर्ट रद्द कर दिया गया था। 2003 में ब्रिटेन में बने रहने के लिए उसे अनिश्चितकालीन अवकाश दिया गया था। 2005 में उसे ब्रिटेन का पासपोर्ट मिला और तब से वह ब्रिटिश नागरिक है।
मैच फिक्सिंग स्कैंडल में दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान हैंसी क्रोनिए का भी नाम आया था। क्रोनिए को चावला और एक अन्य व्यक्ति द्वारा यह सुझाव दिया गया था कि अगर वे क्रिकेट मैच हारने के लिए राजी हो जाएं, तो भारी भरकम राशि दी जाएगी। दक्षिण अफ्रीका भारत दौरे के समय क्रोनिए को पैसे का भुगतान किया गया था। क्रोनिए की 2002 में प्लेन क्रैश में मौत हो गई थी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, चावला और क्रोनिए दोनों के खिलाफ दिल्ली की क्राइम ब्रांच ने 70 पेज की चार्जशीट दायर की थी। दोनों पर भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच 16 फरवरी 2000 से 20 मार्च 2000 के बीच खेले गए मैचों में फिक्सिंग का आरोप था। मामला अप्रैल 2000 में तब सामने आया, जब दिल्ली पुलिस ने ब्लैकलिस्टेड चावला और क्रोनिए के बीच बातचीत को इंटरसेप्ट किया। चावला पर अगस्त 1999 में इंग्लैंड के दो खिलाड़ियों को पैसे देने का भी आरोप है।

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