मकर संक्रांति 15 को मनाई जायेगी;रंग-बिरंगी पतंगों से सजी दुकानें, देसी मांजे की बढ़ी डिमांड

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ग्वालियर । अजयभारत न्यूज
नववर्ष 2020 में मकर संक्रांति की तारीख को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति देखी जा रही है। इस वर्ष मकर संक्रांति 14 जनवरी को नहीं है बल्कि 15 जनवरी दिन बुधवार को मनाई जाएगी। हिन्दू पंचांग के अनुसार इस दिन माघ मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि है। माघ मास में स्नान और दान का बहुत ही महत्व माना गया है। इस मास में शीतल जल में स्नान मात्र से ही भगवान श्रीहरि विष्णु प्रसन्न हो जाते हैं, इसलिए मकर संक्रांति के दिन स्नान और दान का विधान है। वहीं, ज्योतिष शास्त्र में कहा गया है कि मकर संक्रांति के समय से देवताओं का दिन प्रारंभ हो जाता है।
सूर्य देव जब सूर्योदय से पूर्व जिस दिन मकर राशि में प्रवेश करते हैं, उसी दिन मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है। इस वर्ष 2020 सूर्य देव 15 जनवरी के तड़के मकर राशि में प्रवेश कर रहे हैं, इसलिए इस वर्ष मकर संक्रांति 15 जनवरी दिन बुधवार को मनाई जाएगी। एक तरह से देखा जाए तो 14 जनवरी को सूर्यास्त के बाद सूर्य मकर में प्रवेश कर रहे हैं, इसलिए स्नान, दान आदि कार्य अगले दिन सुबह ही होगा।
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सक्रांति और बसंत पंचमी उत्सव 27 को
ग्वालियर। अखिल भारतीय अग्रवाल महिला सम्मेलन मध्यांचल ग्वालियर इकाई की अध्यक्ष सुमन सिंघल की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित हुई। इसमें आगामी आयोजनों की रूपरेखा बनाई गई। सभी सदस्यों ने २७ जनवरी को दोपहर ३ बजे जीवाजी क्लब में सक्रांति और बसंत पंचमी उत्सव मनाने पर सहमति जताई। बंसती क्वीन कॉम्पीटिशन का ड्रेस कोड पीला रखा गया।
रंग-बिरंगी पतंगों से सजी दुकानें, देसी मांजे की बढ़ी डिमांड
ग्वालियर। शहर में मकर संक्रांति के त्योहार के मद्देनजर सभी दुकानें रंग-बिरंगी पतंगों से पूरी तरह सजकर तैयार है। साथ ही मकर संक्रांति के मौके पर पतंगबाजी करने की भी परंपरा है। पतंग प्रेमी भी इसका साल भर इंतजार करते हैं। मकर संक्रांति और काइट फेस्टिवल के चलते ग्वालियर शहर में पतंग की दुकान पर कई वरायटी वाली पतंगों की बहार है। इस बार तिरंगा पतंग ग्राहकों की पहली पसंद बनी हुई है। वहीं चांद तारा पतंग की भी खास डिमांड है। उधर बच्चे मेटल पन्नी वाली फैंसी पतंगों के साथ ही कार्टून वाली पतंगें पसंद कर रहे हैं। यह तो बात रही सिर्फ पतंग की, इसके साथ ही हर साल की तरह इस बार भी चाइनीज मांजा बाजार में है, लेकिन पतंगबाजी करने वालों की पहली पसंद देसी धागे वाले मांजे की है। वैसे भी चाइनीज मांजे से होने वाले हादसों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी है और काइट फेस्टिवल की तैयारी कर रहे युवाओं ने इस बार चाइनीज मांजे का इस्तेमाल नहीं करने की शपथ ली है। इस बार काइट फेस्टिवल और मकर संक्रांति पर देसी मांजे के साथ पतंगबाजी होगी।

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