दीपावली 27 को , बाजारों में जुटी भीड़

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ग्वालियर।अजयभारत न्यूज
दिवाली का महापर्व 27 अक्टूबर को मनाया जायेगा। हिंदूओं का ये प्रमुख त्योहार है जिसका जश्न पूरे देश में देखने को मिलता है। दिवाली को रोशनी का पर्व भी कहा जाता है क्योंकि इस दिन लोग अपने घरों को रंग बिरंगी लाइटों से सजाते हैं साथ ही पूजा के बाद पूरे घर में दीये लगाते हैं। इस दिन समुद्र मंथन से प्रकट हुई देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है।दीपावली की पूर्व संध्या पर शनिवार को बाजार में खूब चहल-पहल दिखी। लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमाओं के साथ ही फूल-माला और पूजन सामग्रियों की दुकानों पर देर शाम तक भीड़ रही। मिठाई व किराना की दुकानों पर भी पूरे दिन बिक्री हुई। दीपावली की पूर्व संध्या पर शहर सहित ग्रामीण इलाकों से भी लोग खरीददारी के लिए पहुंचे थे। इसके चलते महाराज बाड़ा क्षेत्र सहित अन्य बाजारों में काफी गहमा-गहमी रही। लोगों ने घरों व दुकानों में भी साफ-सफाई व पूजा-पाठ की तैयारी की।
दिवाली के दिन घर-दुकान व पूजा पंडालों को सजाने के लिए लोग शनिवार को भी फूल-मालाओं की खरीददारी किए। राम मंदिर के पास फूलों की दुकानों पर काफी भीड़ रही। दीपावली को देखते हुए दुकानदारों ने भी पहले से ही तैयारी कर ली थी। फूलों के अलावा माला भी मंगाए गए थे। तमाम लोगों ने एक दिन पहले ही रविवार के लिए भी ऑर्डर बुक करा दिया। गेंदा के फूल के बने माला की बाजार में खूब डिमांड हो रही है। ये माला साइज व वेराइटी के मुताबिक 20 से 30 रुपये के बीच बिके। वहीं अन्य फूलों की मांग भी अन्य दिनों की अपेक्षा काफी बढ़ गयी है।
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ट्रेफिक ने किया परेशान
अक्सर त्योहारों के मौके पर शहर का ट्रैफिक सिस्टम पूरी तरह फेल हो जाता है। शनिवार को भी कुछ ऐसा ही हुआ। महा नगर के कई इलाकों के लोग दीपावली की खरीददारी करने के लिए घर से निकले, तो शहर में पैदल चलने में भी दुश्वारियां झेलनी पड़ी।
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पैसे के लिए लगाते रहे एटीएम का चक्कर
दीपावली के जश्न में एटीएम की कंगाली रोड़ा बन गई। वैसे तो सिटी सेंटर क्षेत्र में दो दर्जन से अधिक एटीएम स्थापित हैं लेकिन ऐन दीपावली के एक दिन पहले दोपहर बाद ही अधिकतर ने हाथ खड़े कर दिये। रुपये निकालने को लेकर ग्राहक एक एटीएम से दूसरे एटीएम का चक्कर लगाते रहे। वही बैंक उपभोक्ताओं को धन निकासी के लिए संकट सामना करना पड़ा। दीपावली की पूर्व संध्या पर खरीददारी के लिए पहुंचे लोग पैसे के लिए दोपहर बाद एटीएम का चक्कर काटने लगे। विभिन्न क्षेत्रों में लगे एटीएम ने निकासी के मामले में हाथ खड़े कर दिये। आलम यह था कि ग्राहक निकासी के लिए इधर से उधर दौड़ते फिरे।
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क्यों मनाई जाती है दिवाली?
दिवाली सबसे बड़े त्योहारों में से एक है। जिसका इंतजार सभी को रहता है। यह त्योहार पांच दिनों तक चलता है जिसमें सबसे पहले धनतेरस, फिर छोटी दिवाली या नरक चतुदर्शी, फिर दिवाली महापर्व, उसके अगले दिन गोवर्धन पूजा और आखिर में भाई दूज का पर्व मनाया जाता है। दिवाली मनाने के पीछे मान्यता यही है कि इस दिन भगवान राम लंकापति रावण का वध कर अपनी पत्नी सीता और भाई लक्ष्मण के साथ 14 सालों का वनवास पूरा कर अयोध्या वापस लौटे थे और उनके आने की खुशी में पूरे अयोध्या वासियों ने दीप जलाकर उनका स्वागत किया था। तभी से दीपों का त्योहार दिपावली मनाया जाने लगा। इस दिन कार्तिक मास की अमावस्या थी। माना ये भी जाता है कि इस दिन समुद्र मंथन से धन की देवी लक्ष्मी की उत्पत्ति हुई थी। जिस कारण दिवाली वाले दिन इनकी पूजा का विधान है।

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