शिवराज सरकार के चहेते इन अफसरों पर CM कमलनाथ भी मेहरबान, ये है कारण

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भोपाल:मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आते ही ताबड़-तोड़ तबादले हुए. सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को इधर से उधर किया गया है. पुलिस विभाग में भी बड़े फेरबदल किए गए. इस फेरबदल के बीच बीजेपी नेताओं के करीबी अफसरों को हटाने का काम भी किया गया. हालांकि अभी भी कई ऐसे पुलिस अधिकारी हैं, जो शिवराज सिंह के चहेते थे. बीजेपी सरकार में उनका जलवा था वही अधिकारी अब कमलनाथ सरकार में भी महत्वपूर्ण पदों पर पदस्थ (तैनात) हैं. सीएम कमलनाथ ने भी पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के उन चहेते अफसरों पर भरोसा जताया है. पुलिस मुख्यालय से लेकर मैदानी पोस्टिंग में इन अफसरों को तवज्जो दी गई है.

शिवराज सरकार के इन अफसरों पर जताया भरोसा?
>> पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के ओएसडी (ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी) रहे आदर्श कटियार को एडीजी भोपाल की जिम्मेदारी सौंपी गई. ये पहला मौका है, जब भोपाल जोन में किसी एडीजी रैंक के अफसर को पदस्थ किया गया है.
>> शिवराज सरकार में एसपी से लेकर अलग-अलग रैंक में महत्वपूर्ण पदों पर रहे एके पांडे को डीआईजी ग्वालियर बनाया गया.
>> सिंहस्थ के दौरान उज्जैन के एसपी रहे मनोहर वर्मा को खरगौन डीआईजी बनाया गया.
>> कटनी का एसपी रहते हुए विवादों में रहे गौरव तिवारी को रतलाम एसपी की जिम्मेदारी सौंपी गई.
>> शिवराज सरकार में प्रदेश के कई जिलों और जोन की जिम्मेदारी संभालने वाले उमेश जोगा को बालाघाट आईजी बनाया गया.
>> शिवराज के सिक्युरिटी एसपी रहे मनु व्यास को एएसपी भोपाल, घनश्याम मालवीय को एएसपी होशंगाबाद और राजेश मिश्रा को लोकायुक्त उज्जैन बनाया गया.
>> लंबे समय तक शिवराज सरकार में महत्वपूर्ण पदों पर रहे शैलेंद्र श्रीवास्तव को फिर से पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई.
>> पुलिस मुख्यालय की प्लानिंग ब्रांच में लंबे समय से पदस्थ पवन जैन को लोकायुक्त की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई.
>> शिवराज सरकार में इंटेलिजेंस एडीजी रहे राजीव टंडन को सीआईडी की कमान सौंपी गई.
>> कांग्रेस सरकार बनने के बावजूद संजय चौधरी आज भी जेल डीजी बने हुए हैं.

परफॉर्मेंस देखकर दी ज़िम्मेदारी
ऐसा नहीं है कि कमलनाथ सरकार ने शिवराज के चहेते अफसरों पर सिर्फ भरोसा ही किया है. कई ऐसे अफसर हैं, जिन्हें सरकार ने हटाने और लूप लाइन में भेजने का काम भी किया है. कमलनाथ सरकार के वरिष्ठ मंत्री पीसी शर्मा का कहना है कि ऐसा नहीं है कि पार्टी या चेहरा देखकर अफसरों को नियुक्त किया जा रहा है. जिस अधिकारी-कर्मचारी का परफॉर्मेंस ज्यादा अच्छा है और उसमें काम करने की क्षमता है, उसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी दी जा रही है. हालांकि बीजेपी इस बात से इत्तेफाक नहीं रखती.

किसी पार्टी विशेष के नहीं होते अफसर
बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारियों को पोस्टिंग करने की संवैधानिक व्यवस्था है. इसमें किसी भी तरह की छेड़छाड़ सरकार नहीं कर सकती. अच्छे अफसरों को फील्ड पर पोस्ट करना ही होगा. उन्होंने कहा कि पुलिस अफसर किसी पार्टी विशेष के नहीं होते हैं.

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