फिर रुला सकता है प्याज, किसानों के विरोध से आया थोक दाम में उछाल

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नई दिल्ली:महाराष्ट्र के नासिक जिले में किसानों द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन की वजह से मंडियों में प्याज की आपूर्ति में काफी अड़चन आ रही है. इससे प्याज की थोक कीमत 37 फीसदी तक बढ़ गई है. इससे फुटकर बाजार में प्याज की कीमतें और बढ़ जाने की आशंका बढ़ गई है.
इस प्रकार प्याज की थोक कीमत दो हफ्ते के ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है. प्याज की कीमत पहले से ही पिछले कुछ हफ्तों से काफी ऊंची है, ऐसे में थोक कीमत बढ़ने से और मुसीबत खड़ी हो सकती है.
लासलगांव में इतनी हुई कीमत
सोमवार को नासिक के लासलगांव मंडी में प्याज की कीमत 37.29 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई. यह एशिया का सबसे बड़ी हाजिर प्याज बाजार है. मंगलवार को दशहरे की वजह से बाजार बंद थे. बिजनेस स्टैंडर्ड अखबार के अनुसार, लासलगांव में प्याज की आपूर्ति में 137 टन तक की गिरावट आई है, जो इस साल का सबसे कम स्तर है. स्वाभिमानी शेतकारी संगठन के एक नेता हंसराज वादघुले ने अखबार को बताया, ‘कई छोटे किसान समूह प्याज होल्डिंग की सीमा तय करने और निर्यात पर रोक लगाने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन पर उतर आए हैं.’
क्यों बिगड़ी हालत
कृषि पैदावार विपणन समिति के चेयरमैन जयदत्त सीताराम होल्कर ने कहा, ‘प्याज आपूर्ति की स्थिति अब काफी बदल गई है. किसानों के पास अब पिछले सीजन का बहुत कम प्याज बचा है. बहुत ज्यादा बारिश और मॉनसून लंबा खिंचने से इस बार के पैदावार को काफी नुकसान हुआ है.’
उन्होंने कहा कि बाजार में अभी जो प्याज आ रहा है उसकी गुणवत्ता भी खराब है. प्याज की कीमतें पहले से ही काफी ज्यादा हो गईं हैं, इसलिए अब किसानों के पास दाम और बढ़ाने की गुंजाइश भी ज्यादा नहीं है. जनवरी में थोक बाजार में प्याज की कीमत सिर्फ 3 से 4 रुपये प्रति किलो थी जो जुलाई में बढ़कर 15 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई. लेकिन इस साल मॉनसून लेट आया और नए प्याज की बुवाई में देरी हुई, जिसकी वजह से प्याज की कीमत लासलगांव में 45 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई और फुटकर कीमत देश के कई हिस्सों में 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई.
सरकार ने क्या कदम उठाए
प्याज की कीमत में लगातार बढ़त की वजह से सरकार ने 15 सितंबर को इसका न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ा दिया. इसके बाद प्याज के भंडारण की सीमा तय कर दी गई और निर्यात पर भी रोक लगा दी गई. थोक कारोबारियों के लिए 50 टन और फुटकर दुकानदारों के लिए 10 टन प्याज रखने की सीमा तय की गई है.

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