महाअष्टमी पूजन के साथ हुए कन्या भोज हवन;मंदिरों पर उमडी भीड

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ग्वालियर।अजयभारत न्यूज
शारदीय नवरात्र की अष्टमी शहर में श्रद्धाभाव के साथ मनाई गई। माता के भक्तोे ने अष्टमी पूजन के साथ कन्या लागुर भोज कराकर उन्हे उपहार दिए। रविवार को शहर के सभी देवी मंदिरों मे माता के जयकारो गूंजते रहे और भक्तों की भारी भीड रही। जगह जगह रात को हवन पूजन का आयोजन तथा जगराते हुए। नवरात्र के चलते शहर मेंं भक्ति का वातावरण नजर आ रहा है। सोमवार को नवमी पूजन के साथ माता की प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ नवरात्र का समापन होगा।
बुजुर्गों के नवदुर्गा उत्सव में लगा छप्पनभोग
ग्वालियर । शहर में चल रहे नवदुर्गा महोत्सव की धूमधाम के बीच कैलाश टॉकीज के पास स्थित सिद्धबाबा मन्दिर में वरिष्ठ नागरिक सेवा संस्थान द्वारा आयोजित नवदुर्गा महोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है रात्रि माता का जागरण एवं ५६ भोग का आयोजन किया गया, कल नवमी के दिन ७ अक्टूबर को भव्य जवारे विसर्जन शोभायात्रा निकाली जाएगी तथा ८ अक्टूबर मंगलवार को विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया है। शर्मा ने संस्थान के सभी सदस्यों एवं धर्मप्रेमियों से विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होकर पूण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है।
भक्त को भी अपने भगवान का ख्याल रखना चाहिये: उत्तम स्वामी महाराज
ग्वालियर। परम पूज्य गुरूदेव उत्तम स्वामी महाराज ने कहा है कि जिस प्रकार मां अपने बेटे का ख्याल रखती है उसी प्रकार से भक्त को भी अपने भगवान का ,ख्याल करना चाहिये। उन्होंने कहा कि जो भक्त इस प्रकार से भगवान का ख्याल करते हैं उनका जीवन में उद्धार अवश्य होता है।
परम पूज्य गुरूदेव उत्तम स्वामी महाराज आज भिंड के असवार ग्राम में आयोजित शारदीय नवरात्र पर आयोजित श्रीमद देवी भागवत एवं शतचण्डी यज्ञ में संगीत मयी कथा का श्रद्धालुओं को श्रवण करा रहे थे। गुरूदेव उत्तम स्वामी महाराज ने इस अवसर पर जहां भगवान भोलेनाथ और मां पार्वती के विवाह के प्रसंग की कथा का श्रवण कराया वहीं राधा कृष्ण की कथा का भी श्रवण कराया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण मां काली का अवतार माना जाता है।
इस अवसर पर श्रीमद देवी भागवत कथा में मध्यप्रदेश के कैबिनेट मंत्री उमंग सिंगार और ग्वालियर दक्षिण के विधायक प्रवींण पाठक भी शामिल हुए। कथा स्थल पर मंत्री उमंग सिंघार ने ग्राम असवार में गौ रक्षा के लिये विशाल गौशाला के निर्माण की स्वीकृति दी। इस अवसर पर अखिल भारतीय साहित्य परिषद के संगठन मंत्री श्रीधर पराडक़र भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कथा का समापन कल शतचण्डी यज्ञ के साथ होगा।

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