गंभीर टीबी मरीजों के अस्पताल को बंद करने की साजिश

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ग्वालियर । अजयभारत न्यूज
टीबी के असहाय व गरीब मरीजों के लिये महत्वपूर्ण सुविधा बना एमडीआर टीबी अस्पताल को जीआरएमसी के वरिष्ठ अधिकारी बंद कराना चाहते हैं, जबकि यह अस्पताल ग्वालियर के अलावा अंचल में टीबी मरीजों के उपचार का महत्वपूर्ण केन्द्र है। यहां अंचल से ही नहीं झांसी, इटावा, धौलपुर, मैनपुरी तक से मरीज उपचार हेतु आते हैं।
जानकारी के मुताबिक राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग का एक टीबी अस्पताल जीआरएमसी परिसर में कार्यरत है। यहां टीबी के गंभीर मरीजों के उपचार के लिए एमडीआर मल्टीपल ड्रग रजिस्टेंस अस्पताल भी कार्यरत है। पिछले दिनों स्वास्थ्य विभाग भोपाल ने एमडीआर अस्पताल को जीआरएमसी के तहत कर दिया है, तभी से जीआरएमसी के टीबी एंड चेस्ट विभाग के विभाग प्रमुख की नजर एमडीआर अस्पताल में है। विभाग प्रमुख चाहते है कि एमडीआर का 12 लोगों का स्टाॅफ भी उनके अंडर आ जाये, ताकि वह उनसे बेगारी कराये। जबकि स्वास्थ्य विभाग के स्पष्ट निर्देश है कि एमडीआर भले ही जीआरएमसी में चला जाये, लेकिन एमडीआर के चिकित्सक सहित सभी कर्मचारी स्वास्थ्य विभाग के ही अधीन माने जायेंगे।
अब जीआरएमसी के टीबी एंड चेस्ट विभाग के प्रमुख इस आदेश को नहीं मान रहे हैं। गत दिवस उन्होंने जिला टीबी हाॅस्पीटल में आकर जमकर हुडदंग मचाया। सामान, टेबल फेंक दी व एमडीआर सहित जिला टीबी अस्पताल को बंद करने की धमकी भी दे डाली। बाद में टीबी अस्पताल के कर्मचारियों, अधिकारियों ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, संभाग आयुक्त व जिला कलेक्टर को भी की हैं।

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