बारिश-बाढ़: भोपाल से हरदा तक आधा MP ‘डूबा’,अगले 2 दिन मौसम विभाग का अलर्ट

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भोपाल।अजयभारत न्यूज
मध्य प्रदेश में मूसलाधार बारिश और बाढ़ के बाद जिंदगी ठहर गई है। राजधानी भोपाल में भारी बारिश लोगों के लिए मुसीबत बनकर आई है। शहर के कई निचले इलाके पानी में डूब गए हैं। वहीं, 2016 के बाद पहली बार कोलार डैम के गेट खोलने पड़े हैं। हरदा में हुई भारी बारिश ने जेल के कैदियों को मुश्किल में डाल दिया। इस बीच मौसम विभाग की मानें तो अगले दो दिन सूबे के लोगों पर भारी पड़ सकते हैं। राज्य के 32 जिलों में भारी से बेहद भारी बारिश का अनुमान है। सोमवार से 48 घंटे के लिए मौसम विभाग ने रेड, ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है।
भोपाल में पिछले तीन दिन से भारी बारिश हो रही है। मूसलाधार बारिश का सिलसिला सोमवार शाम तक जारी रहा, जिसके चलते आम जनजीवन ठप हो गया। रविवार सुबह से सोमवार शाम तक यहां 160 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। शहर के कई निचले इलाकों में पानी घुस गया है। कोलार, समर्धनगर और नेहरूनगर जैसे इलाके बुरी तरह प्रभावित हैं। 100 से ज्यादा परिवारों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया गया है।
सोमवार को भोपाल के कलेक्टर तरुण पिथोड़े ने डीआईजी इरशाद वली के साथ मंडीदीप के पास बारिश से बेहाल इलाकों का जायजा लिया। भोपाल नगर निगम के स्टाफ को बंद नालियों की सफाई के निर्देश दिए गए हैं। भारी बारिश की वजह से भोपाल में दिन और रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। दिन का तापमान 25.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से चार डिग्री कम है।
मध्य प्रदेश में मूसलाधार बारिश और बाढ़ से जिंदगी ठहर गई है। राजधानी भोपाल में भारी बारिश लोगों के लिए मुसीबत बनकर आई है। शहर के निचले इलाके पानी में डूब गए हैं। 2016 के बाद पहली बार कोलार डैम के गेट खोलने पड़े हैं। हरदा में हुई बारिश ने जेल के कैदियों को मुश्किल में डाल दिया। इस बीच मौसम विभाग की मानें तो अगले दो दिन सूबे के लोगों पर भारी हैं।
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राज्य में यलो अलर्ट
राज्य के 32 जिलों में भारी से बेहद भारी बारिश का अनुमान है। सोमवार से 48 घंटे के लिए मौसम विभाग ने रेड, ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है।
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तीन दिन से बारिश
भोपाल में पिछले तीन दिन से भारी बारिश हो रही है। मूसलाधार बारिश का सिलसिला सोमवार शाम तक जारी रहा, जिसके चलते आम जनजीवन ठप हो गया। रविवार सुबह से सोमवार शाम तक यहां 160 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
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निचले इलाकों में पानी
शहर के कई निचले इलाकों में पानी घुस गया है। कोलार, समर्धनगर और नेहरूनगर जैसे इलाके बुरी तरह प्रभावित हैं। 100 से ज्यादा परिवारों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया गया है।
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नदी-नाले उफान पर
सोमवार शाम तक मिले आंकड़ों के मुताबिक सिवनी में 24 घंटे के दौरान सबसे अधिक 31 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। भारी बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं और प्रदेश के कई जगहों पर सड़क यातायात अवरुद्ध होने के साथ-साथ कई निचले इलाके जलमग्न हो गए।बीते 24 घंटों के दौरान खंडवा में 118 मिमी, भोपाल में 29.8 मिमी, धार में 43.2 मिमी, सीधी में 57.6 मिमी बारिश दर्ज की गई है। राज्य में मौसम के साथ तापमान में भी बदलाव का दौर बना हुआ है। मंगलवार को भोपाल का न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस, इंदौर का 23.4, ग्वालियर का 25 और जबलपुर का न्यूनतम तापमान 25.1 सेल्सियस दर्ज किया गया।
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32 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है सेंट्रल एमपी के ऊपर मॉनसूनी हवाओं की वजह से कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसकी वजह से राज्य में 15 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहेगा। मंगलवार को भी भोपाल के अलावा 32 जिलों में सामान्य से बेहद भारी बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग ने रायसेन, हरदा, नीमच, मंदसौर, सीहोर, रतलाम और नरसिंहपुर में रेड अलर्ट जारी किया है।
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बारिश का आंकड़ा
पूर्वी मध्य प्रदेश में मॉनसून सक्रिय और पश्चिमी मध्य प्रदेश में मॉनसून प्रबल रहा। इस दौरान टिमरनी में 25 सेंटीमीटर, विदिशा एवं हरदा में 18-18 सेंटीमीटर, केवलारी में 15 सेंटीमीटर, रायसेन में 13 सेंटीमीटर, गुलाबगंज एवं नैनपुर में 12-12 सेंटीमीटर एवं सागर में 11 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई। मध्य प्रदेश की जीवनदायिनी नर्मदा नदी अपना रौद्र रूप दिखा रही है। यह नदी नरसिंहपुर एवं खरगोन जिले में खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
नरसिंहपुर जिले के बरमन घाट में इस नदी का जलस्तर 324.90 मीटर पहुंच गया है, जो वहां पर खतरे के निशान 323 मीटर से 1.90 मीटर अधिक है। वहीं, खरगोन के मोरटक्का में इस नदी का जल स्तर 164.84 मीटर हो गया है, जो वहां पर खतरे के निशान 163.98 मीटर से 0.86 मीटर अधिक है।

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