राजधानी में सेल्फ रीडिंग सुविधा चालू,बिजली उपभोक्ताओं को ज्यादा बिल से मिलेगी मुक्ति

0
11

भोपाल ।मप्र मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने 1 सितंबर से भोपाल शहर के सवा चार लाख उपभोक्ताओं के लिए सेल्फ रीडिंग सुविधा चालू कर दी है। योजना के तहत आप खुद भी रीडिंग व मीटर की फोटो उपाए मोबाइल एप पर अपलोड कर सकते हैं। ऐसा करने से औसत खपत के हिसाब से बिल जनरेट नहीं किए जाएंगे, बल्कि आपके द्वारा बताई गई खपत व मीटर के फोटो के आधार पर वास्तविक खपत के आधार पर ही कंपनी बिल जनरेट करेगी। यह योजना आने वाले समय में पूरे मप्र में लागू होगी। अभी ये स्वैच्छिक है। मीटर रीडर पूर्व की तरह रीडिंग लेने आते रहेंगे। बता दें कि बिजली कंपनी के मीटर रीडर कई बार तय तारीख के अंदर मीटर की रीडिंग नहीं ले पाते। इसके कारण बिजली कंपनी औसत खपत के हिसाब से बिल जनरेट कर देती है और इस तरह ज्यादातर उपभोक्ताओं के बिजली बिल वास्तविक खपत से अधिक आ जाते हैं। बिल आने के बाद उपभोक्ताओं का बजट गड़बड़ा जाता है और कंपनी के पास शिकायतें बढ़ने लगती हैं।
मप्र मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने इस समस्या को खत्म करने के लिए उपभोक्ताओं को सेल्फ रीडिंग की सुविधा दी है। यह ऑप्शन उपाए एप पर सेल्फ रीडिंग के नाम से मिलेगा। इस पर क्लिक करते ही मीटर में दिखने वाली रीडिंग डालनी होगी। मीटर का फोटो भी अपलोड करना होगा। ऐसा करते समय मोबाइल में लोकेशन ऑप्शन को ऑन करना होगा। डाली गई रीडिंग व मीटर के फोटो में दिख रही रीडिंग को सिस्टम ऑटोमैटिक जांचेंगा और दोनों में एक जैसे आंकड़े होने पर सब्मिट कर लेगा। इसके बाद बिल जनरेट होंगे।इस प्रक्रिया के पहले मीटर कनेक्शन नंबर व मोबाइल नंबर को आपस में लिंक करना होगा। यह उपभोक्ता खुद कर सकते हैं। किसी भी तरह की समस्या के लिए कंपनी के टोल फ्री नंबर 1912 व 0755-2551222 पर कॉल कर मदद ले सकते हैं। ये ध्यान रखना होगा महीने में कब से कब तक रीडिंग व मीटर का फोटो अपलोड कर सकेंगे, इसकी तारीख सेल्फ रीडिंग ऑप्शन के अंदर जाने पर पता चलेगी।यदि मीटर रीडर द्वारा रीडिंग ले ली गई है तो सेल्फ रीडिंग ऑप्शन उक्त माह के लिए बंद हो जाएगा। दोबारा अगले माह में खुलेगा। इस बारे में मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के एमडी विशेष गढ़पाले का कहना है कि सेल्फ रीडिंग व्यवस्था से उपभोक्ता व बिजली कंपनी दोनों को सहूलियत होगी और औसत बिल जैसी समस्या खत्म हो जाएगी। यह व्यवस्था स्वैच्छिक है। मीटर रीडर पूर्व की तरह काम करते रहेंगे। इस सुविधा को प्रदेश भर में लागू करने को लेकर काम कर रहे हैं।

LEAVE A REPLY