मावा बिन फीका रहेगा रक्षाबंधन, लोगों में आक्रोश

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– मिलावट की दहशत में पूरे प्रदेश में नहीं पहुंचा मावा
– भोपाल के लोगों में रोष, आम आदमी कैसे बनाएगा व्यंजन
भोपाल । भाई-बहनों का पावन त्योहार रक्षा बंधन इस बार फीका ही रहेगा। राजधानी भोपाल सहित पूरे प्रदेश में मावा की सप्लाई मांग के अनुरूप बेहद कर रही। इससे मावा व्यापारी और आम नागरिकों में रोष है। कई स्थानों पर तो मावा पांच सौ रुपये किलो तक बिका। ऐसे में अमीरों ने तो खरीद लिया, लेकिन गरीब और मध्यम वर्ग मावा नहीं खरीद पाये। कई सालों बाद ऐसा पहली बार हुआ है कि लोगों को बिना मिठाई रक्षा बंधन त्योहार मनाना पड़ेगा। महिलाओं का कहना है कि मावा न मिलने से वे इस बार मिठाई नहीं बना पाएंगी, लिहाजा भाई को राखी बांधते वक्त उसकों मिठाई न खिला पाने का दंश हमेशा उनके दिल में रहेगा।
वहीं, प्रदेशभर में व्यवसायी हल्ला मचा रहे हैं। उनका कहना है मिलावटी और जांच के नाम पर व्यापारियों को परेशान किया जा रहा है। राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) की कार्यवाही करने की बात से हमें डराया जा रहा है। व्यापारियों का कहना है कि हमें डाराया जा रहा है। मावे की जांच के दौरान यदि एक भी फैट कम आता है, तो सेंपल फेल हो जाता है, जबकि मौसम के अनुसार दूध के फैट में बदलाव होते रहते है। मावा व्यवासायियों का कहना है कि प्रशासन और खाद्य विभाग की कार्यवाही उचित है, लेकिन कम फेट पाए जाने पर जो रासुका की कार्यवाही हो रही है वह गलत है। उनका कहना है विभाग के अधिकारी रोजाना आकर जांच करें और सेंपल लेकर जाएं। व्यापारियों को कोई एतराज नहीं है, लेकिन रासुका जैसी कार्यवाही से व्यापारी भयभीत हैं। उनका कहना है कि शासन को चाहिए कि जांच के मानक में बदलाव किए जाने चाहिए। व्यवसायियों ने मांग की है कि शक्कर बर्फी के नाम पर गुजरात से बड़ी मात्रा में मिलावटी मावा शहर में आ रहा है। ऐसे में उन पर कार्यवाही नहीं की जा रही।
इसलिए मचा हड़कंप…
गौरतलब है कि इंदौर जिले में कलेक्टर लोकेश जाटव मिलावटखोरों के खिलाफ पहली बड़ी कार्रवाई करते हुए रासुका लगाई थीं। इसके बाद से ही मावा व्यापारियों में हड़कंप मच गया। प्रदेशभर में रासुका की कार्यवाही हुई। इसके बाद रक्षा बंधन जैसे पर्व में भी लोगों को मावा के लाले पड़ गए।

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