चाटुकारिता और भ्रष्टाचार बनाम शासकीय सेवा;भड़कीं तबादले वाली मैडम, कौन बनेगा करोड़पति में 50 लाख जीतने वाले तहसीलदार ने साधा निशाना

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भोपाल। 14 वर्ष की नौकरी में 25 से ज्यादा तबादले झेल चुकीं मध्यप्रदेश राज्य सेवा की अधिकारी अमिता सिंह तोमर ने प्रदेश के भ्रष्ट अफसरों पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया वेबसाइट फेसबुक पर पोस्ट कर तहलका मचा दिया है। उन्होंने लिखा है कि अब तो प्रशासनिक अकादमी में ट्रेनिंग के दौरान भी भ्रष्टाचार की शिक्षा दी जा रही है। ‘चाटुकारिता और भ्रष्टाचार बनाम शासकीय सेवाÓ शीर्षक से 1087 शब्दों की फेसबुक पोस्ट में तहसीलदार ने लिखा है कि नायब तहसीलदार को भ्रष्ट और चाटुकार होते हैं। वे यहीं नहीं रुकीं। वे श्योपुर कलेक्टर पर भी हमलावर हुईं। अमिता सिंह ने सरकार तंत्र को भी सड़ा हुआ बताया है। अमिता सिंह की पोस्ट सिविल सेवा अधिनियम एक्ट के अंतर्गत आती है। सूत्रों ने ईएमएस को बताया कि कलेक्टर उन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांग सकते हैं।
क्या लिखा पोस्ट में
अमिता सिंह ने लिखा है – अब तो प्रशासनिक अकादमी (राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों का प्रशिक्षण केंद्र) में ही भ्रष्टाचार व चाटुकारिता की ट्रेनिंग दी जा रही है। नायब तहसीदार भ्रष्ट हैं। तहसीलदारों से छीनकर नायब तहसीलदारों को 2 से 3 प्रभार दिए जा रहे हैं।
इमानदारों को परेशान, बेइमानों पर मेहरबान
अमिता सिंह ने पोस्ट में लिखा है कि मेरे बैच के एक साथी तहसीलदार पर लोकायुक्त में 59 केस दर्ज हैं। लेकिन वे सदा मुख्यालय तहसील में ही पदस्थ रहते हैं। सारे नियम दरकिनार क्योंकि सबसे बड़ा गुण वरिष्ठ अधिकारियों की चाटुकारिता और भ्रष्टाचार में निपुणता उनके सारे दुर्गुणों को छिपा देती है ।
कौन हैं तबादले वाली मैडम
तहसीलदार अमिता सिंह तोमर 13 साल की नौकरी में 9 जिलों में 25 बार तबादले का दंश झेल चुकी हैं। इसके बाद उन्हें केबीसी वाली मैडम की बजाय तबादले वाली मैडम कहा जाने लगा।
ऐसे में सुर्खियों में आईं
वर्ष 2011 में अमिता सिंह तोमर का चयन टीवी शो कौन बनेगा करोड़पति में हुआ था। तब उन्होंने सभी सवालों का जवाब देेते हुए 50 लाख रुपए जीत लिया था। महज एक सवाल का जवाब न आने पर वे एक करोड़ रुपये जीतने से चूक गई थीं।
प्रधानमंत्री को लिख चुकीं खत
कुछ वर्ष पहले सरकार ने उनका तबादला राजगढ़ से 600 किमी दूर सीधी जिले के चुरहट कर दिया था। तब उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर तबादले का मामला सोशल मीडिया पर भी उठाय था। बार-बार तबादले पर वे कोर्ट पहुंची जहां, कोर्ट के आदेश पर तबादला स्थगित भी हुआ था।

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