सवा सौ साल बाद बना नागपंचमी का महासंयोग

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सवा सौ साल बाद बना नागपंचमी का महासंयोग
भोपाल । सवा सौ साल बाद सावन सोमवार पर यायीजय योग व हस्त नक्षत्र के साथ नागपंचमी का महासंयोग रहेगा। इस दिन शिवालयों में भतों का तांता लगा रहेगा। आगामी 5 अगस्त को सावन माह का तीसरा सोमवार है। इस दिन नागपंचमी का दुर्लभ संयोग रहेगा। नाग पंचमी में पूरे 125 सालों बाद ऐसा संयोग लग रहा है। जब सावन के सोमवार के दिन नाग पंचमी का पर्व पड़ रहा है। संयोग के साथ-साथ इस दिन यायीजयद योग के साथ हस्त नक्षत्र है।
नाग पंचमी का शुभ मुहूर्त
5 अगस्त के दिन नाग पंचमी का शुभ मुहूर्त सुबह 5.49 से 8.28 के बीच पड़ रहा है। जबकि तिथि समाप्ति इसी दिन दोहपर 3.54 तक रहेगी।
नाग पंचमी की पूजा
नाग पंचमी के दिन सर्प देवता मान कर पूजा करते है। इस दिन पूजा का विशेष विधि होती है। गरुड़ पुराण के अनुसार नाग पंचती की सुबह स्नान आदि करके शुरू होने के पश्चात भक्त अपने घर में मुख्य द्वार के दोनों ओर नाग का वित्र बनाए या प्रतिमा स्थापित करें। इसके बाद फल, सुंगधित पुष्पों नाग देवता पर दूध चढ़ाते हुए पूजा करें।

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