इन्टरव्यू…उम्र की हैराफेरी पर प्रतिबंध लगायें : गोपीचंद

0
14

भारतीय बैडमिंटन टीम के मुख्य कोच पुलेला गोपीचंद का मानना है कि भारतीय बैडमिंटन संघ (बीएआई) को उम्र के साथ हेराफेरी करने वाले खिलाड़ियों और इसमें शामिल कोच को प्रतिबंधित कर देना चाहिए ताकि गलत करने वालों को सबक मिले। गोपीचंद ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि आपको यह तय करने के लिए कड़े निर्णय और मजबूत उदाहरणों की आवश्यकता है उम्र कम करना एक अपराध की तरह है, इसलिए ऐसे खिलाड़ियों को प्रतिबंधित होना चाहिए।’’

उन्होंने कहा कि आजकल खेलों में उम्र के साथ हेराफेरी करना बड़ी समस्या है इसी को देखते हुए भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) और भारतीय टेबल टेनिस महासंघ (टीटीएफआई) जैसे संघों ने इसके दोषी पाये जाने वाले खिलाड़ियों को प्रतिबंधित करना शुरू कर दिया है। वहीं एक अन्य कोच के विचार गोपी से अलग हैं। भारतीय बैडमिंटन टीम के पूर्व कोच विमल कुमार का मानना है कि खिलाड़ियों को प्रतिबंधित करना सही नहीं होगा। इस कोच ने कहा, ‘‘ किसी खिलाड़ी को 2-3 साल के लिए प्रतिबंधित करना सही होगा। निलंबन से प्रतिभा का नुकसान होगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर कोई खिलाड़ी अंडर-15, अंडर-17 और अंडर-19 टूर्नामेंटों में अधिक उम्र का पाया जाता है और उसके खिलाफ उम्र से हेराफेरी का सबूत है तो ऐसे खिलाड़ियों को यह सजा दी जा सकती है कि वह किसी अन्य आयु वर्ग के टूर्नामेंट में नहीं खेल सके और सिर्फ सीनियर टूर्नामेंट में ही खेले।’’विमल कुमार साइना नेहवाल सहित कई स्टार खिलाड़ियों के कोच रहे हैं।
गोपीचंद ने कहा कि टूर्नामेंटों में खेलने और नहीं खेलने का फैसला खिलाड़ियों को स्वयं करना है। ओलंपिक क्वालीफाइंग समय इस साल 29 अप्रैल से शुरू होगा और विश्व बैडमिंटन महासंघ 30 अप्रैल 2020 की रैंकिंग के आधार पर टोक्यो ओलंपिक 2020 के लिए ओलंपिक कोटा आवंटित करेगा। गोपीचंद ने कहा कि अब खिलाड़ी ज्यादा टूर्नामेंटों में खेलने के बारे में नहीं सोचते और टूर्नामेंटों में खेलने को लेकर अपनी योजनाएं बना रहे हैं।
गोपीचंद ने कहा, खिलाड़ी अधिक टूर्नामेंट खेल रहे हैं इसे लेकर फैसला करना कठिन है क्योंकि टूर्नामेंट में खेलने का फैसला करने को लेकर कोई प्रणाली का नियम नहीं है। अब हालांकि खिलाड़ी अधिक समझदार हो गए हैं और वे योजना बनाने लग गए हैं कि किस टूर्नामेंट में खेलना है और किसमें नहीं। उन्होंने कहा, ओलंपिक के करीब अपने पर हालांकि खिलाड़ी अधिक टूर्नामेंटों में खेलने की कोशिश करते हैं और ऐसे में महत्वपूर्ण है कि वे ओलंपिक से पहले चोटिल नहीं हो जाएं।
गोपी ने कहा कि इंडियन ओपन टूर्नामेंट में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन कुल मिलाकर अच्छा रहा।उन्होंने कहा, एक-दो मैचों को छोड़ दिया जाए तो टूर्नामेंट हमारे लिए काफी अच्छा रहा। सभी खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया फिर वह चाहे किदांबी श्रीकांत हो, बी साई प्रणीत हो या एचएस प्रणय हो।
गोपीचंद ने कहा, इनमें से अधिकांश ने एक दूसरे के खिलाफ मुकाबले गंवाए। समीर वर्मा और प्रणय एक दूसरे के खिलाफ खेले। प्रणीत भी श्रीकांत के खिलाफ खेला। पुरुष युगल और महिला युगल जोड़ियों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। श्रीकांत का फाइनल में पहुंचना अच्छा रहा। अच्छा होता कि सिंधू कल का मैच जीत लेती। महिला और पुरुष युगल जोड़ियों के पास और आगे तक जाने का मौका था। कुल मिलाकर इन सब चीजों के बावजूद टूर्नामेंट अच्छा रहा।

LEAVE A REPLY