एयर स्ट्राइक …. अमेरिकी कार्यकर्ता ने किया दावा- बालाकोट में 200 से ज्यादा आतंकी मारे गए

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वॉशिंगटन। गिलगित में रहकर काम कर रहे एक अमेरिकी कार्यकर्ता सेंगे हसनैन सेरिंग ने दावा किया है कि बालाकोट में भारतीय वायुसेना की स्ट्राइक में 200 से ज्यादा आतंकी मारे गए थे। उन्होंने अपने ट्वीट के साथ एक वीडियो भी पोस्ट किया है। जिसमें पाक अफसर गांव के लोगों को दिलासा दे रहे हैं। सेरिंग का कहना है कि एयर स्ट्राइक में मारे गए कुछ लोगों के शव बालाकोट से खैबर पख्तूनख्वा भेजे गए थे।
26 फरवरी को वायुसेना के मिराज-2000 विमानों ने पाक सीमा में घुसकर मुजफ्फराबाद, चकोटी और बालाकोट में हमला किया था। मीडिया रिपोर्ट्स में इसमें 300 से ज्यादा आतंकियों के मारे जाने का दावा किया गया था।
वीडियो में कहा जा रहा- 200 बंदे ऊपर गए
सेरिंग के पोस्ट किए गए वीडियो में कुछ पाकिस्तानी अफसर कबाइलियों के बीच बैठे नजर आ रहे हैं। उन्हें समझाइश दे रहे हैं कि जो हुकूमत के साथ खड़े होकर लड़ाई करता है वह जिहाद है। इसके बाद वीडियो में एक अन्य व्यक्ति की आवाज आती है जो कहता है- यह रुतबा अल्लाह के कुछ खास बंदों को नसीब होता है। आपको पता है कि कल 200 बंदे ऊपर गए। इनके नसीब में शहादत लिखी हुई थी। हमारे नसीब में नहीं लिखी थी। जिस पर अल्लाह की रहम-ओ-करम होती है उसे ही यह नसीब होता है। कोई चीज होती है हमें बेफिक्र होकर बताएं।
सेरिंग ने वीडियो की पुष्टि नहीं की
हालांकि, सेरिंग का कहना है कि वीडियो की विश्वसनीयता को लेकर वे आश्वस्त नहीं हैं। लेकिन इतना यकीन जरूर है कि पाक बालाकोट की सच्चाई को छिपा रहा है। सेंगे के मुताबिक- जैश-ए-मोहम्मद ने दावा किया था कि वहां (बालाकोट में) मदरसा था। उसी वक्त उर्दू मीडिया के हवाले से खबरें आईं कि भारतीय वायुसेना के हमले के अगले दिन या कुछ दिन बाद कुछ शवों को बालाकोट से खैबर पख्तूनख्वा ले जाया गया। इस बात के काफी सबूत हैं जिससे अनुमान लगाया जा सकता है कि भारतीय वायुसेना की बालाकोट में कार्रवाई कामयाब रही। पाक इसमें अभी तक कुछ भी साबित नहीं कर सका है।
‘अंतरराष्ट्रीय मीडिया को क्यों रोका गया’
सेरिंग का कहना है कि एयर स्ट्राइक के बाद से स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया के बालाकोट जाने पर बंदिशें लगाई गई हैं। पाक लगातार दावा कर रहा है कि भारतीय विमानों के हमले में कुछ पेड़ों और खेतों को नुकसान पहुंचा। सेरिंग का सवाल है कि पाक बगैर किसी ठोस कारण के इतने दिनों तक इस इलाके को सील क्यों कर रहा है?

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